मोदी सरकार के बेमिसाल 4 साल की सच्चाई बयान करता किसान का शव

0
111
बागपत तहसील पर धरने पर बैठे एक किसान की मौत
बागपत तहसील पर धरने पर बैठे एक किसान की मौत

उत्तर प्रदेश में बागपत के बड़ौत तहसील में कई गणना किसान 21 मई से बकाया गन्‍ना भुगतान और अन्‍य मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. बड़ौत तहसील में धरने पर बैठे दर्जनों किसानों में से जीवाना गांव के रहने वाले किसान उदयवीर सिंह की शनिवार (26 मई) को अचानक तबीयत बिगड़ गई. मौके पर मौजूद साथी किसान कुछ समझ पाते इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया. उसके अलावा दो अन्‍य किसानों की भी हालत बिगड़ गई. जबकि जिले का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. धरने पर बैठे साथ किसानों ने बड़ौत के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र (सीएससी) के डॉक्‍टर को मौके पर बुलाया. इस पर वहां पहुंचे डॉक्‍टर ने किसान को मृत घोषित कर दिया.

धरने पर बैठे किसान की मौत पर विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा,”बड़ौत में बिजली के बढ़े दाम व गन्ने के बकाया भुगतान के विरोध में धरने पर बैठे व महोबा, हमीरपुर, बांदा में कर्ज माफ़ी के झूठे वादे के मारे किसानों की मौत, आज कामयाबी गिना रही सरकार का सच बयां कर रही है. खेती, कारोबार, उद्योग व सौहार्द को मारने वाली सरकार का आज से काउण्टडाउन शुरू.” आरएलडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, एमएलसी वीरेंद्र गुर्जर, एमएलसी संजय लाठर, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, पूर्व विधायक अजय कुमार, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना आदि किसानों के बीच पहुंचे.

गौरतलब है कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के सरकार के चार साल पूरे हो गए है. जिसको भाजपा नेता कार्यकर्ता, भाजपा नेता और खुद प्रधानमंत्री मोदी भी बड़ी उपलधि के तौर पर मानते हुए जश्न मना रहे और वही दूसरी तरफ बागपत के बड़ौत तहसील के बहार धरने पर बैठे किसान की मौत हो गयी साथ ही दो और किसानो की हालत गंभीर बनी हुई है इसके बावजूद शासन या प्रशासन की तरफ से उनकी फरियाद तक सुनने कोई नहीं आया. अपने हक़ का पैसा मानते हुए आज किसान अपनी जान दे रहे है और दूसरी तरफ मोदी सरकार चार साल पूरे होने का जश्न मना रही है.