फूट-फूट कर रो पड़ीं स्वतंत्रता सेनानी की बेटी, सड़क पर सोने को मजबूर

0
72
उत्तर प्रदेश:शाहजहांपुर स्वतंत्रता सेनानी की बेटी फूट-फूट कर रो पड़ीं
स्वतंत्रता सेनानी की बेटी

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक शहीद स्वतंत्रता सेनानी की बेटी पिछले 40 सालों से अपने पिता के शहीद होने पर परिवार को मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए दिन-रात भटक रही है। शाहजहांपुर की राजेश्वरी शुक्ला स्वतंत्रता सेनानी महेश नाथ मिश्रा की बेटी हैं। जो गणतंत्र दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम के दौरान फूट-फूटकर अपना दर्द बयां कर रही हैं कि किस तरह प्रशासन ने उन्हें पिता के शहीद होने के बाद कोई आर्थिक मदद नहीं की। उनका कहना था कि पिता की मौत के बाद उन्हें पेंशन मिलनी चाहिए थी जो उन्हें आज तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उनके पास रहने के लिए कोई मकान भी नहीं है, वह सड़कों पर रहने को मज़बूर है।

दरअसल शाहजहांपुर जिले के बंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत देवकली गांव में रहने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महेश चंद्र मिश्रा की बेटी राजेश्वरी देवी गणतंत्र दिवस के मौके पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंच पर ही रोने लगीं। उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि किस तरह प्रशासन ने उन्हें पिता के शहीद होने के बाद कोई आर्थिक मदद नहीं की। जिला प्रशासन से तमाम गुहार के बावजूद उन्हें किसी भी सरकारी आवास योजना के तहत मकान नहीं दिया गया है। राजेश्वरी देवी की 14 साल की उम्र में शादी हो गई थी लेकिन पति रमाशंकर ने 8 वर्षों के बाद उन्हें छोड़ दिया। तब से वह पिता की ही आश्रित होकर उन्हें के साथ रहने लगी।

राजेश्वरी शुक्ला का कहना है कि “मैं अपने पिता पर आश्रित हूं। मेरे पति से अलग हुए मुझे 40 साल से ज्यादा हो गए। मैं मेरे पिता की पेंशन की अधिकारी हूं। तो क्यूं नही मिली हमें? कौशल अधिकारी ने काट दिया कि मैं ब्याही हूं। मैं ब्याही जरूर हूं लेकिन अधिकारी हूं मैं। मैं उनकी आश्रित हूं। जिनने इतनी शहीदी, अपनी कुर्बानी दी। उनकी बेटी आज ठोकरे खा रही है। फुटपाट पर लेटी है, वहां तिरपाल में मैं रहती हूं। क्यों? ऐसा क्यूं हो रहा है बताइए? 40 साल हो गए मुझे यहां झंडा फहराते। बस चादरें मिलती थी मुझे, सम्मानित करते थे। लेकिन अबकी कुछ नहीं। हमारी पेंशन आई लेकिन कौशल अधिकारी ने हमारी पेंशन काट दी, कहा ब्याही है।”