नोएडा अथॉरिटी ने ध्वस्त किए पंडाल तो महिलाएं बैठी धरने पर

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नोएडा अथॉरिटी ने ध्वस्त किए पंडाल महिलाएं बैठी धरने पर

गौतमबुद्ध नगर में खुले में धार्मिक आयोजनों का होना प्रशासन के लिए सर दर्द बनता जा रहा है. प्रशासन ने खुले में धार्मिक आयोजनों पर रोक लगा दी और प्रशासन से इजाज़त की शर्त रख दी है. इस बीच ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 37 से भी प्रशासन ने एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए लगाए गए टेंट को हटा दिया. घटना के बाद से गुस्साईं महिलाए धरने पर बैठ गई हैं. प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी सचिन सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी गई है. यदि वे इसे फिर भी करते हैं तो यह गैर कानूनी होगा. स्थानीय पुलिस ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई से उसका कोई लेना-देना नहीं है. बताय जा रहा है कि जिस जमीन पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था वह जमीन प्राधिकरण की है.

ग्रेटर नोएडा (प्रथम) के क्षेत्राधिकारी निशंक शर्मा ने बताया कि ये कार्रवाई प्राधिकरण अधिकारियों और प्राधिकरण से संबद्ध पुलिसकर्मियों ने की है. जिला पुलिस या स्थानीय कासना पुलिस थाने का कोई अधिकारी वहां नहीं था. सेक्टर के लोगों ने यहां पर कुछ समय पहले मूर्तियों की भी स्थापना की थी, लेकिन प्राधिकरण नहीं चाहता कि यहां पर लोग किसी तरह की धार्मिक गतिविधि करें. घटना के बाद से सेक्टर के लोगों में रोष व्याप्त है. बताया जा रहा है कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 37 के स्थानीय लोगों ने भागवत कथा के लिए टेंट लगवाया था और कुछ दिन पहले मूर्ति की स्थापना भी हुई थी. लेकिन, अब प्रशासन की शर्तों पर ये कथा नहीं हो रही थी, जिसके चलते अब प्रशासन ने तम्बू, मंच और लाउडस्पीकर हटवा दिया है.

बता दे कि कुछ दिन पहले ही नोएडा सेक्टर 58 के पुलिस थाने ने 23 कंपनियों को नोटिस देकर, यहां के एक स्थानीय उद्यान में उनके मुस्लिम कर्मचारियों को शुक्रवार की नमाज पढ़ने से रोकने को कहा था. इस आदेश को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक वीडियो का भी दवा किया जा रहा है जिसमे दक्षिणपंथी संगठन का एक कार्यकर्ता पार्क में कुछ मुस्लिमों को धमकाता हुआ दिख रहा है. युवक मुस्लिम नमाजियों से पूछा रहा है कि ‘क्या वे बिहार के किशनपढ़ से यहां मस्जिद बनाने आए हैं.’ जब एक मुस्लिम ने बताया कि वे यहां केवल नमाज पढ़ते हैं तो उसने आरोप लगाया कि वह यहां पर परेशानी पैदा कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि वे पार्क में केवल शुक्रवार को नमाज पढ़ते हैं, तब भी वह युवक नहीं माना.