राफेल सौदे पर नए खुल्लासो से घिरी मोदी सरकार

0
53
राफेल सौदे पर नए खुल्लासो से घिरी मोदी सरकार

एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित सरकारी दस्तावेज दावा कर रहा है कि रक्षा मंत्रालय ने राफेल सौदे के संदर्भ में रक्षा मंत्री को एक पत्र लिखा था। पत्र में रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा राफेल सौदे में समानांतर बातचीत से रक्षा मंत्रालय की नेगोशिएशन टीम की कोशिशों को धक्का लग सकता है। मंत्रालय की तरफ से रक्षा मंत्री को गए इस पत्र को मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी एसके शर्मा ने 24 नवंबर 2015 को जारी किया और इस पत्र को मंत्रालय में रक्षा सौदों के लिए जिम्मेदार डायरेक्टर जनरल एक्विजिशन की सहमति थी। इस पत्र को आधार बनाते हुए विपक्ष एक बार फिर राफेल सौदे पर सवाल उठाते हुए ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) की मांग दोहरा रहा है।

द हिंदू की ख़बर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय तो सौदे को लेकर बातचीत कर ही रहा था, उसी दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय भी अपनी ओर से फ्रांसीसी पक्ष से ‘समांतर बातचीत’ में लगा था। रक्षा मंत्रालय ने अपने नोट में तब के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का ध्यान खींचते हुए कहा था कि हम प्रधानमंत्री कार्यालय को ये सलाह दे सकते हैं कि कोई भी अधिकारी जो बातचीत कर रहे भारतीय टीम का हिस्सा नहीं है उसे समानांतर बातचीत नहीं करने को कहा जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की ओर सीधे पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने इसमें घोटाला किया है। इस रिपोर्ट पर सदन में भी हंगामा हुआ। हलाकि इस मामले पर बीजेपी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन सफाई देने की कोशिस में लगी है।