देश को गोल्ड दिलाने वाली कागज के ठोंगे बनाकर पेट पालने को मजबूर

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एथेंस में गोल्ड दिलाने वाली गंगाबाई आर्थिक तंगी में

जमशेदपुर के सोनारी की रहने वाली दिव्यांग गंगाबाई ने वर्ष 2011 में एथेंस में देश को एक गोल्ड एवं दो सिल्वर मेडल दिलाया था। मगर आज गंगाबाई आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है। गंगाबाई आज कागज के ठोंगे बनाकर पेट पालने को मजबूर है। हालांकि उसे निजी संगठनों से सहयोग प्राप्त हो रहा है. लेकिन सरकार की ओर से कभी कोई मेहरबानी नहीं हुई. संस्थान के अध्यक्ष अवतार सिंह का कहना है कि सरकार को ऐसे खिलाड़ियों की मदद करनी चाहिए. गंगाबाई के पिता सोहन लाल साहू एवं माता दुगुनी देवी का कहना है कि देश को गोल्ड मेडल दिलाने के बावजूद बेटी को यह सब करना पड़ रहा है. सरकार को उसे अनुदान राशि एवं सरकारी नौकरी देनी चाहिए.
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दरअसल स्पेशल ओलंपिक में देश को गोल्ड मेडल दिलाने वाली गंगाबाई आज कागज के ठोंगे बनाकर पेट पालने को मजबूर है. जमशेदपुर के सोनारी की रहने वाली दिव्यांग गंगाबाई ने वर्ष 2011 में एथेंस में देश को एक गोल्ड एवं दो सिल्वर मेडल दिलाया था. मगर आज गंगाबाई आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है. गंगाबाई खुद और अपने बूढ़े मां- बाप की पेट कागज के ठोंगे बनाकर चलाती है. गंगाबाई की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक सामाजिक संस्था ने उसे ठोंगा बनाने का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा है. देश में एक तरफ क्रिकेटर करोड़ों रुपया कमा रहे हैं, तो गंगाबाई जैसे खिलाड़ी कागज के ठोंगे बनाने को मजबूर हैं.