ठण्ड से बचना है तो इन्हे करे अपनी डाइट में शामिल

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शहद आवला अदरक और बाजरे के फायदे
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सर्दियों के मौसम में ठंड के बढ़ते ही सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो जाती है. इस मौसम में ठंड से बचने के लिए हम गरम कपड़े तो पहन लेते हैं, मगर ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ-साथ अंदर से भी गरम रहना जरूरी है. पटना के एक आयुर्वेदिक चिकित्सक का मानना है कि इन बीमारियों से बचने के लिए कई घरेलू नुस्खे भी अपनाए जा सकते हैं. यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खांसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है. उन्होंने कहा हैं कि ठंड में लौंग, तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बनी चाय खांसी, सर्दी, जुकाम के लिए ‘रामबाण’ का काम करती है.

सर्दियों में शहद का सेवन करने से शरीर को कई तरह की रोगों से दूर रखा जा सकता है. आयुर्वेद में शहद को अमृत माना गया है. सर्दी, जुकाम होने पर रात को सोने से पहले एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से यह खत्म हो जाती है. उनका कहना है कि शहद शरीर के ‘इम्युन सिस्टम’ को दुरुस्त करता है. सर्दी के दिनों में बाजरे की रोटी खाने का बहुत फायदा मिलता है. यह शरीर को तो गर्म रखता ही है, साथ में बाजरे की रोटी में प्रोटीन, विटामिन बी, कैल्शियम, फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट शरीर के लिए अच्छे होते हैं. ठंड से बचने के लिए बच्चों को भी बाजरे की रोटी खिलानी चाहिए.

सर्दियों में खजूर को गर्म दूध के साथ खाने पर भी सर्दी से राहत मिलती है. सर्दियों में मछली तथा सूप भी बेहद कारगर है. खाने में अदरक के प्रयोग से शरीर तो गरम होता ही है, साथ में पाचन क्रिया भी अच्छा होता है. आंवला डायबिटीज से परेशान लोगों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है. आंवला कई तरह के रोगों के इलाज के लिए लगभग 5000 साल से इस्तेमाल किया जा रहा है. आंवला में विटामिन सी, विटामिन एबी, पोटैशिम, कैलशियम, मैग्नीशियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और डाययूरेटिक एसिड होते हैं. इसके अलावा आंवला और मूंगफली सर्दियों में फायदेमंद होता है. तिलों के तेल से मालिश भी हमें ठंड से बचाने का काम करती है.