चीन के जवानों ने लद्दाख में भारतीय जवानों पर पत्थरबाजी की

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चीन के जवानों ने लद्दाख में भारतीय जवानों पर पत्थरबाजी की. डोकलाम में अभी भारत और चीन सीमा विवाद सुलझा भी नहीं था, कि चीन ने भारत के लद्दाख सीमा को अपना निशाना बनाने की नाकाम कोशिस की. कल जहा एक तरफ पूरा भारत देश 71वा  स्वतंत्रता दिवस मन रहा था वही दूसरी तरफ लद्दाख  के पैंगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की नाकाम कोशिश की. जिससे भारतीय सैनिको ने ह्यूमन चेन बना कर रोक दिया. सीमा पर मुस्तैद भारतीय जवानों ने ना सिर्फ घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया, बल्कि उन्हें वापस चीनी सीमा में खदेड़ दिया. चीन ने लद्दाख में कल दो बार भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारतीय सैनिकों की मुस्तैदी ने दोनों ही बार उसके इरादों को नाकाम कर दिया. अपनी नापाक हरकत को नाकाम होने पर बौखलाए चीनी सैनिको ने भारतीय सैनिको पर पत्थरबाजी की. पथराव से कुछ चीनी सैनिकों के घायल होने की भी खबर है. कुछ भारतीय सैनिकों को भी चोटें आईं हैं. गतिरोध लगभग आधे घंटे तक चला और फिर दोनों पक्ष वापस चले गए.

विशेषज्ञों का मानना है कि पेंगोंग झील के करीब जवानों का आमने-सामने आना कोई नई बात नहीं है. सीमा को लेकर स्पष्टता न होने के कारण कई बार ऐसा होता रहता है. लेकिन भारतीय सैनिको पर पत्थरबाजी की हरकत हैरान करने वाली है. सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों का ये भी मानना है कि इस घटना के पीछे डोकलाम में चल रहा गतिरोध भी हो सकता है. चीन भारत पे दबाव बनाने के लिए ऐसी बचकानी हरकते कर रहा है.

चीनी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि डोकलाम पे भारत के अड़ियल रवैये की वजह से चीन अब भारत को पडोसी नहीं प्रतिद्वंद्वी की तरह मानता है. दरसल 16 जून से भारत और चीन की सेना के बीच डोकलाम में गतिरोध जारी है. दोनों देशो की सेनाये आमने सामने डटी हुई है. भारतीय सैनिकों की इस इलाके में मौजूदगी से चीन हड़बड़ा गया है. चीन को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा कि जब विवाद चीन और भूटान के बीच है तो उसमें भारत सीधे तौर से दखलअंदाजी क्यों कर रहा है. इसी मामले में चीन बार बार भारत पे दबाव बनाने के लिए भारत को युद्ध की धमकिया दे रहा है.

वही दूसरी तरफ अमेरिका ने कहा कि वह चाहता है कि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में चल रहे गतिरोध पर भारत और चीन आपस में बातचीत करें. पिछले हफ्ते भी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नैरेट ने कहा था, ‘‘यह ऐसी स्थिति है जिस पर हम करीब से नजर रख रहे हैं.’’ उन्होंने कहा था, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, हमारे संबंध दोनों सरकारों के साथ हैं. हम दोनों पक्षों को साथ बैठने और बातचीत करने को प्रोत्साहित कर रहे हैं. तब तक इसे अपने हाल पर छोड़ दें.’’

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