SC के फैसले पर बोले CM केजरीवाल: फैसला संविधान के खिलाफ

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SC के फैसले पर बोले CM केजरीवाल:फैसला संविधान के खिलाफ
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच शक्तियों के बंटवारे से जुड़ी याचिकाओं पर फैसला सुनाया। जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच के फैसले के बाद भी मामला अभी पूरी तरह से सुलझा नहीं है, हालांकि कुछ मुद्दों जजों ने अपना फैसला साफ किया है। दिल्ली में जमीन, पुलिस और कानून व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकार केंद्र सरकार यानी उपराज्यपाल के पास ही रहेंगे।दोनों जजों ने प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले को लेकर अलग-अलग राय जाहिर की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। यह दिल्ली के लोगों के साथ अन्याय है। कोर्ट का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसला अन्यायपूर्ण है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया को संबोधित किया। कोर्ट ने अभी ट्रांसफर-पोस्टिंग के मुद्दे पर फैसला नहीं सुनाया है और इसे बड़ी बेंच के हवाले कर दिया है। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संविधान के खिलाफ बताया है। अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में कोई भ्रष्टाचार करता है तो उन्हें उसपर कार्रवाई करने के लिए बीजेपी के पास जाना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला संविधान और लोगों की अपेक्षाओं के खिलाफ है। केजरीवाल ने कहा कि इसकी चाबी दिल्ली की जनता के पास है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ’70 में से 67 सीट जीतने वाली पार्टी को ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार नहीं है, लेकिन जिस पार्टी को सिर्फ तीन सीट मिलीं, वह ट्रांसफर-पोस्टिंग करेगी। पिछले 40 साल से दिल्ली सरकार के पास ACB थी, अब नहीं है। मेरे पास कोई शिकायत लेकर आएगा, तो मैं किसे कहूंगा? हम कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं, लेकिन इसका एक ही समाधान है, जो दिल्ली की जनता के पास है। मुख्यमंत्री एक चपरासी को भी ट्रांसफर नहीं कर सकता, यह बहुत गलत फैसला है।’ बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। साथ ही केंद्रीय कैडर के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के मुद्दे को बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया है।