प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद और अखाड़ा परिषद आमने सामने

0
46
प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद और अखाड़ा परिषद आमने सामने
File picture

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर कुंभनगरी प्रयागराज में धर्मयुद्ध छिड़ गया है। जहां एक तरफ साधू-संतो के एक धड़े ने मंदिर निर्माण की तारीख का ऐलान कर दिया है, तो वहीं विश्व हिंदू परिषद की कहना है कि मंदिर तो हम ही बनाएंगे। प्रयागराज में द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की अगुवाई में चली तीन दिवसीय परम धर्म संसद ने बुधवार को धर्मादेश जारी कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए तारीख का ऐलान कर दिया। यह धर्मादेश प्रयागराज में ही विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में होने वाली धर्म संसद के एक दिन पहले आया है। बता दे कि विश्व हिंदू परिषद की ओर से प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद का अखाड़ा परिषद ने पहले ही बहिष्कार कर दिया है।

वीएचपी की धर्म संसद से पहले जारी इस धर्मादेश से साधु-संतों के बीच राम मंदिर निर्माण को लेकर धर्मायुद्ध छिड़ने की संभावना है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र जैन ने एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए कहा कि जिस धर्म संसद ने राम मंदिर के मामले को इस मुकाम पर पहुंचाया कि आज वो सेंटरस्टेज पर है, उस धर्म संसद की बैठक आज होनी है। उन्होंने पूछा आखिर वे मंदिर निर्माण कहां करेंगे? न उनके पास जमीन है और न ही वे किसी जमीन के अधिकारी हैं। वे कुछ नहीं कर पाएंगे। सुरेंद्र जैन ने कहा कि राम मंदिर निर्माण वीएचपी की अगुवाई वाली धर्म संसद ही करेगी क्योंकि हमने इसके लिए संघर्ष किया है। जैन ने परम धर्म संसद द्वारा जारी धर्मादेश में साजिश की आशंका जताई।