बीजेपी को हराने के लिए कुर्बानी देने को भी तैयार हैं अखिलेश

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अखिलेश यादव ने बसपा के साथ गठबंधन का इशारा किया
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी के साथ 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन जारी रखने का इशारा किया है. अखिलेश के बयानों के मुताबिक सपा यूपी में बसपा की जूनियर पार्टनर बनने को भी तैयार है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को मैनपुरी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गठबंधन के लिए वह त्याग को तैयार हैं और अगर उन्हें गठबंधन करने के लिए दो-चार सीटें कम पर भी समझौता करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे. हमारा मकसद भाजपा की हार सुनिश्चित करना है.

सपा और बसपा के गठबंधन होने की स्थिति में सीटों के बटवारे पर अखिलेश यादव ने बीते 5 जून को कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिये सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच सीटों के बंटवारे पर फिलहाल कोई बात नहीं हुई है और इस बारे में ‘उचित समय‘ पर विचार-विमर्श किया जाएगा. गौरतलब है कि बसपा प्रदेश की 80 लोकसभा में से 40 सीटें अपने लिए मांग रही है. ऐसे में अखिलेश यादव ने कहा कि सीटों के बंटवारे पर बातचीत के दौरान ही फैसला लिया जाएगा और हम उचित समय पर बात करेंगे.

विधानसभा चुनावों को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सपा मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी साथ ही छत्तीसगढ़ और झारखण्ड में भी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है. फूलपुर-गोरखपुर उपचुनाव में सपा को बसपा ने समर्थन किया था. इसका नतीजा था कि भारतीय जनता पार्टी को करारी हार मिली. इसके बाद से दोनों पार्टियां के बीच रिश्ते मजबूत हुए हैं. यही वजह है कि अखिलेश यादव बसपा का साथ किसी भी सूरत में छोड़ने को तैयार नहीं है. वही दूसरी तरफ मायावती ने कैराना लोकसभा उपचुनाव के पहले साफ कर दिया था कि अगर उन्हें सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं तो उनकी पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी.