सौरव गांगुली ने कहा – भारतीय क्रिकेट खतरे में हैं

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सौरव गांगुली ने कहा - भारतीय क्रिकेट खतरे में हैं
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सौरव गांगुली ने बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी को प्रशासकों की समिति से संबंधित अंर्तगत मामले को लेकर एक मेल भेजा है. सौरव गांगुली ने कहा, ”समितियों में लिए गए फैसले अपमानजनक तरीके से पलट दिए जाते हैं. कोच चयन के मामले में मेरा अनुभव बहुत बुरा रहा.” सौरव गांगुली का कहना है कि वह बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले पर अपनाए गए ढीले रवैये और कुछ अन्य प्रमुख मसलों को देखते हुए वह भारतीय क्रिकेट प्रशासन के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. बता दें कि जौहरी पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक अज्ञात ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि भारतीय क्रिकेट खतरे में हैं और वह नहीं जानते कि चीजें किस तरह आगे बढ़ रही हैं. तकनीकी समिति के भी अध्यक्ष गांगुली ने राष्ट्रीय पुरुष टीम के लिए कोच चयन प्रक्रिया के अपने बुरे अनुभव को भी याद किया. सौरव गांगुली ने कहा, ”समितियों में लिए गए फैसले अपमानजनक तरीके से पलट दिए जाते हैं. कोच चयन के मामले में मेरा अनुभव बहुत बुरा रहा. (इस बारे में जितना कम कहा जाए, बेहतर है.)” आपको बता दे कि अनिल कुंबले की जगह रवि शास्त्री ने ली जो विराट कोहली की पसंद थे.

गांगुली ने कहा, ”बोर्ड की गतिविधियों से जुड़े मामलों में शामिल रहे मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा कि उन्हें किसके पास जाना चाहिए. मेरे पास कोई जवाब नहीं था. मुझे यह पूछना पड़ा कि किसी खास संघ से अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए मुझे किसे आमंत्रित करना चाहिए क्योंकि मैं नहीं जानता था कि क्या चल रहा है.” उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट को कुछ बेहतरीन प्रशासकों और महान क्रिकेटरों ने कड़ी मेहनत से खड़ा किया है. उन्होंने कहा, ”वर्तमान में मुझे लगता है कि यह खतरे में है. उम्मीद है कि लोग सुन रहे होंगे.” उन्होंने लिखा है, ”मैं आप सभी को यह पत्र इस गहरी चिंता के साथ लिख रहा हूं कि आखिर भारतीय क्रिकेट प्रशासन किस ओर जा रहा है.”

सौरव ने मेल में लिखा, ”मैं आपको यह मेल डर के साथ बेहद गहरी भावना के साथ लिख रहा हूं. भारतीय क्रिकेट प्रशासन किस दिशा की ओर जा रहा है. जीतते या हारते हुए मैंने लंबे समय तक क्रिकेट खेला है और हमेशा से भारतीय क्रिकेट की छवि हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण रही. हम हमेशा से देखते आए हैं कि क्रिकेट में कोई न कोई मसला उलझा हुआ रहता है. यह बेहद चिंता की बात है (मैंने चिंता शब्द का इस्तेमाल किया). मैं यह बताना चाहता हूं कि पिछले कुछ सालों से जैसा समय गुजरा है, दुनिया के लिए भारतीय क्रिकेट का दबदबा और लाखों फैन्स के प्यार व भरोसे को खोया है.”