SC का फैसला-दहेज प्रताड़ना केस में अब हो सकेगी पति की तुरंत गिरफ्तारी

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SC-दहेज प्रताड़ना केस में अब हो सकेगी पति तुरंत गिरफ्तारी
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दहेज उत्पीड़नों के मामले में सुनवाई करते हुए एक बड़ा फैसला दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में गिरफ्तारी हो या नहीं ये तय करने का अधिकार पुलिस को वापस दिया है. कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब दहेज उत्पीड़न के मामले में पति की तुरंत गिरफ्तारी हो पाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर राज्य के DGP इस मुद्दे पर पुलिस अफसरों व कर्मियों में जागरुकता फैलाएं और उन्हें बताया जाए कि सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी को लेकर जो सिद्धान्त दिया है वो क्या है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति और उसके रिश्तेदारों के सरंक्षण करने के लिए जमानत के रूप में अदालत के पास अधिकार मौजूद है.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक पुराने फैसले में बदलाव करते हुए पति के परिवार को मिलने वाले सेफगार्ड को खत्म कर दिया है. कोर्ट ने गिरफ्तारी से पहले दहेज प्रताड़ना की जांच के लिए सिविल सोसायटी की कमेटी बनाने की गाइडलाइन को हटाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट इस तरह आपराधिक मामले की जांच के लिए सिविल कमेटी नियुक्त नहीं कर सकता, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने दो जजों की बेंच के फैसले में संशोधन किया और कहा कि इस तरह कोर्ट कानून की खामियों को नहीं भर सकता. कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाते हुए कहा कि विक्टिम प्रोटेक्शन के लिए ऐसा करना जरूरी है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समाज में महिला को बराबर हक मिलना चाहिए इसमें कोई दो राय नहीं है, साथ ही हम ऐसा भी निर्णय नहीं दे सकते हैं कि पुरुष पर किसी तरह का गलत असर पड़े. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि अगर दोनों पक्षों में समझौता होता है तो कानून के मुताबिक वो हाईकोर्ट जा सकते हैं. अगर पति पक्ष कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करता है तो केस की उसी दिन सुनवाई की जा सकती है. आपको बता दे कि पिछले साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि आईपीसी की धारा-498 ए यानी दहेज प्रताड़ना मामले में गिरफ्तारी सीधे नहीं होगी.