सबरीमाला मंदिर के द्वार खुले, मंदिर के सीढ़ियों तक पहुंचीं महिलाएं

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सबरीमाला मंदिर के द्वार खुले,मंदिर के सीढ़ियों तक पहुंचीं महिलाएं

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट खुल गए हैं. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश देने के आदेश के बाद पहली बार मंदिर के द्वार खुले हैं. बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर में प्रवेश के लिए जा रही हैं, तो वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उन्हें रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं. आरएसएस के लोग जगलों में छिपे हुए थे और अयप्पा भक्तों पर हमला किए. 10 पत्रकार, 5 भक्त और 15 पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ है. 18 और 19 अक्टूबर के लिए सबरीमाला मंदिर के आसपास कुछ चुनिंदा जगहों पर धारा 144 लगाई गई है. भक्त अभी भी सबरीमाला मंदिर की ओर पहुंच रहे हैं. मंदिर आज रात 10:30 तक खुला रहेगा.

दरअसल शाम 5 बजे सबरीमाला मंदिर के द्वार खुल चुके हैं और श्रद्धालु आज रात 10:30 बजे तक वहां पूजा कर सकते हैं. इसके अलावा मंदिर के द्वार 22 अक्टूबर तक खुले रहेंगे. सबरीमाला की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस और प्रदर्शनकारियो के बीच पत्थरबाज़ी और लाठीचार्ज हुआ है. पुलिस ने लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियो ने पत्थर फेंके हैं. कई पुलिसकारी और प्रदर्थनकारी घायल हो गए हैं. महिलाओं को प्रवेश देने के सुप्रीम आदेश के बाद पहली बार करीब एक घंटे बाद खुलेगा केरल का सबरीमला मंदिर, महिलाओं को रास्ते में रोकने के लिए लगातार प्रदर्शन हो रहा है. भारी संख्या में पुलिस बल मंदिर के बाहर और आसपास मौजूद है.

महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध कर रहीं मंदिर के बोर्ड के पूर्व प्रेसिडेंट गोपालकृष्णन की पत्नी को हिरासत में ले लिया गया है. उनके अलावा करीब 50 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. कुछ प्रदर्शनकारियों ने बसों पर पथराव किया, मीडियाकर्मियों को भी बनाया निशाना. प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने मीडिया की एक वैन के साथ तोड़फोड़ की. केरल सरकार में मंत्री के के शैलजा ने कहा कि मुझे लगता है वहां जो भी हो रहा है जानबूझकर किया जा रहा है. वे (प्रदर्शनकारी) गंदी राजनीति कर रहे हैं. हम यह नहीं कह सकते कि वे सही में भक्त हैं या नहीं. सुप्रीम कोर्ट का आदेश संवैधानिक है और सरकार इसे लागू करने के लिए बाध्य है.