#MeToo के लपेटे में आए एमजे अकबर, पद से दिया इस्‍तीफा

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#MeToo के लपेटे में आए एमजे अकबर,पद से दिया इस्‍तीफा
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#MeToo के लपेटे में आए एमजे अकबर ने विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया. यह पहली बार है, जब मोदी सरकार के किसी मंत्री ने किसी विवाद में घिरने के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया है. अकबर में अपने इस्तीफे में लिखा है, ‘चूंकि मैंने निजी हैसियत में कोर्ट से न्याय लेने का फैसला किया है, ऐसे में मुझे यही उचित लगा कि अपने पद से इस्तीफा दे दूं और फिर निजी हैसियत से ही खुद पर लगे झूठे आरोपों को चुनौती दूं. इसलिए मैंने विदेश राज्यमंत्री के मंद से इस्तीफा दे दिया है.’ अपने पत्र में अकबर ने देश की सेवा का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आभार व्यक्त किया है.

आपको बता दे कि विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर के ऊपर अब तक 20 महिला पत्रकारों ने #MeToo अभियान के तहत आरोप लगाए हैं. अकबर पर पहला आरोप वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी ने लगाया था, जिसमें उन्होंने एक होटल के कमरे में इंटरव्यू के दौरान की अपनी कहानी बयां की थी. रमानी के आरोपों के बाद अकबर के खिलाफ आरोपों की बाढ़ आ गई और एक के बाद एक कई अन्य महिला पत्रकारों ने उन पर संगीन आरोप लगाए. अकबर पर ताजा आरोप एक विदेशी महिला पत्रकार ने लगाया कि 2007 में जब वो इंटर्नशिप के लिए आईं तो वो सिर्फ 18 साल की थीं और उनके साथ एमजे अकबर ने गलत हरकत करने की कोशिश की.

महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने एमजे अकबर के इस्तीफे का स्वागत किया है और महिलाओं को और हिम्मत रखने के लिए कहा है. इससे पहले केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने सबसे पहले यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ कोर्ट का रास्ता अपनाया है और उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है. इस मामले में कल दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई होगी. वहीं दूसरी तरफ ‘द एशियन एज’ अखबार में काम कर चुकीं 20 महिला पत्रकारों ने एक साझा बयान जारी करते हुए रमानी का समर्थन करने की बात कही और अदालत से आग्रह किया कि अकबर के खिलाफ उनकी गवाही भी सुनी जाए.