दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक हटाने को तैयार नहीं ममता सरकार, कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को जा सकती है सुप्रीम कोर्ट

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mamta government can go suprem court against kolkata high court on durga murti visharjan ni24news
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दुदुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक हटाने को तैयार नहीं ममता सरकार, कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को जा सकती है सुप्रीम कोर्ट. र्गा प्रतिमा विसर्जन की तारीख को लेकर चल रहे विवाद पर कलकत्ता हाईकोर्ट से फटकार लगने के बाद भी ममता सरकार मूर्ति विसर्जन पर रोक न लगाने पर मानने को तैयार नहीं है. मन जा रहा है की प्रतिमा विसर्जन को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट और ममता सरकार आमने सामने आ गयी है. सूत्रों के मुताबित माना जा रहा है कि ममता सरकार कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट जाएगी.
दरअसल मुहर्रम के ताजिये के लिए ममता सरकार ने 1 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगा दिया है. जिसके खिलाफ जब कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका डाली गयी तब हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ममता सरकार को फटकार लगते हुए उनके प्रतिमा विसर्जन पर लगाए रोक को गलत ठहराते हुए रद्द कर दिया. लेकिन ममता सरकार के रुख से लगता है कि वो अपने ही धुन में है उन्होंने कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि चाहे कोई मेरा गला काट दे, लेकिन कोई भी मुझे यह न बताए कि मुझे क्या करना है. माना जा रहा है कि 1 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक को ममता सरकार ने अपनी साख कि बात मान ली है इसके लिए वो सुप्रीम कोर्ट जाने कि तैयारी कर रही है.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब मुस्लिम धर्म के तुस्टीकरण कीराजनीती का आरोप ममता पर लग रहा है पिछले साल भी ममता सरकार ने ठीक ऐसे ही दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाया था, तबभी कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें खरी खोटी सुनते हुए कहा था कि “ये तुष्टीकरण की नीति है और राजनीति को धर्म से न जोड़े. कोर्ट ने पिछली साल ये भी कहा था कि 1982 और 1983 में दशमी और मुहर्रम इसी तरह एक दिन आगे पीछे पड़ा था तब तो कोई पाबंदी नहीं लगाई गई थी.” अब देखना ये है कि अगर ममता सुप्रीम कोर्ट जाती है और अगर वह भी उनके दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर रोक को गलत ठहराया गया तब वो क्या करती है.

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