कन्नौज में दारोगा ने दिखाई इंसानियत, गरीब गर्भवती का कराया इलाज

0
44
कन्नौज में दारोगा ने दिखाई इंसानियत,गरीब गर्भवती का कराया इलाज

हमेशा अपनी ख़राब छवि के लिए जानेजानी वाली उत्तर प्रदेश पुलिस में कुछ ऐसे पुलिसवाले भी है जो बेरहम पुलिसवालो से अलग है. दरअसल उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत एक दारोगा का कन्नौज में एक ऐसा रूप सामने आया है जिसकी खूब सराहना की जा रही है. अरविन्द नमक एक शख्स अपनी गर्भवती बीवी के इलाज के लिए अपने एक वर्षीय बेटे जानू को बेंचने के लिए मजबूर हो गया. मेडिकल कालेज के गेट पर उससे खरीदार भी मिल गया लेकिन तभी कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी.

मामला संज्ञान में आने के बाद स्थानीय चौकी प्रभारी बृजेंद्र कुमार सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे. जब उन्होंने परिवार की हालत जानी तो पहले बीमार महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया और फिर महिला के इलाज का पूरा खर्च खुद उठाने की बात कही. दारोगा ने न केवल पैसे की व्यवस्था की, बल्कि भर्ती कराने में भी मदद की. जबकि चिकित्सक भर्ती ही नही कर रहे थे. आपको बता दे कि अरविन्द की एक चार वर्ष की एक बेटी रोशनी और एक साल का बेटा जानू है.

दरअसल अरविंद बंजारा का परिवार बहुत गरीब है. पत्नी सुखदेवी को बुधवार सुबह अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी.इससे वह पत्नी को जिला अस्पताल ले गए.अरविंद ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में प्रसव कराने के बदले नर्सों ने उससे 25 हजार रुपये की मांग की. पैसे न होने पर वह पत्नी को लेकर मेडिकल कालेज पहुंचा. जहां सुखदेवी की नाजुक हालत देखकर चिकित्सकों ने भर्ती नहीं किया. पत्नी के इलाज के लिए पैसे न होने पर अरविंद ने अपने एक वर्षीय बेटे जानू को बेंचने का फैसला किया.