अंतरराष्ट्रीय दबाव में हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और FIF भी बैन

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हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और FIF भी बैन
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हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और FIF भी बैन. चौतरफा कूटनीतिक दबाव के चलते जैश सरगना मसूद अजहर के दो भाई समेत 44 आतंकवादियों को हिरासत में लेने के कुछ ही घंटे के भीतर पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन पर बैन लगा दिया है। खास बात यह है कि 4 मार्च को ही पाकिस्तान ने JUD को वॉच लिस्ट में रखा था, लेकिन एक दिन के भीतर ही उसे बैन कर दिया। साथ ही पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर के भाई मुफ्ती अब्दुर रऊफ और बेटे सहित 44 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। आपको यद् दिला दे कि मुफ़्ती अब्दुल रऊफ़ ने ही मसूद अजहर को छुड़ाने के लिए IC-814 विमान अपहरण किया था।

दरअसल जैश सरगना मसूद अजहर के दो भाई समेत 44 आतंकवादियों को हिरासत में लेने के कुछ ही घंटे के भीतर पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इन्सानियत फाउंडेशन पर बैन लगा दिया है। मुंबई हमले के गुनहगार आतंकी हाफिज सईद के इन दोनों संगठनों पर से कुछ दिन पहले ही बैन हटाया गया था। हाफिज सईद इन दोनों संगठनों के जरिए करीब 300 धार्मिक शिक्षण संस्थान और स्कूल, अस्पताल, पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सर्विस चलाता है। पाकिस्तान में इससे पहले भी कई बार JUD पर बैन की कार्रवाई होती रही है, लेकिन कई बार वो सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट जा चुका है।

आपको बता दे कि हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी घोषित करते हुए उस पर 10 मिलियन डॉलर के इनाम का ऐलान किया था। 2012 में लश्कर पर बैन लगाया गया था। उसके बाद हाफिज ने अपनी आतंकी गतिविधि चलाने के लिए जमात उद दावा और फलाह ए इन्सानियत फाउंडेशन बनाया और इनकी आड़ में अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देता रहा। पाकिस्तान की जमीन पर ऐसी आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के चलते अमेरिका और यूरोपियन देशों के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने इस पड़ोसी मुल्क को अपनी ग्रे लिस्ट में डाल दिया था।