इसरो को बड़ी सफलता, सबसे वजनी GSAT-11 सैटेलाइट लॉन्च

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इसरो को बड़ी सफलता, सबसे वजनी GSAT-11 सैटेलाइट लॉन्च

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा बनाए अब तक के सबसे अधिक वजनी उपग्रह जीसैट-11 को यूरोपीय स्पेस एजेंसी के प्रक्षेपण केंद्र फ्रेंच गुयाना से अंतरिक्ष रवाना कर दिया है. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी आरियानेस्पेस का प्रक्षेपण यान आरियाने-5 इस सैटेलाइट को लेकर गया है. इस सैटेलाइट के प्रक्षेपण से भारत ने अंतरिक्ष में ऐतिहासिक कदम रखा है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि करीब 5,854 किलोग्राम वजन का जीसैट-11 देशभर में ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा. जीसैट-11 अगली पीढ़ी का ‘हाई थ्रोपुट’ का संचार सैटेलाइट है, जिसका विन्यास इसरो के आई-6 के इर्द-गिर्द किया गया है.

बताया जा रहा है कि यह सैटेलाइट 15 साल से ज्यादा समय तक काम आएगा. इसे शुरू में 25 मई को प्रक्षेपित किया जाना था लेकिन अतिरिक्त तकनीकी जांच को लेकर इसके प्रक्षेपण की तारीख बदल दी गई. बता दें कि ये जियोस्टेशनरी सैटेलाइट पृथ्वी की सतह से 36 हजार किलोमीटर ऊपर ऑरबिट में रहेगा. शुरुआत में उपग्रह भू-समतुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा में ले जाया जाएगा और उसके बाद उसे भू-स्थैतिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा. सैटेलाइट इतना बड़ा है कि इसका हर सोलर पैनल चार मीटर से ज्यादा लंबा है. रिपोर्ट्स के अनुसार जीसैट-11 में 40 ऐसे ट्रांसपोंडर होंगे, जो 14 गीगाबाइट/सेकेंड तक की डेटा ट्रांसफर स्पीड के साथ हाई बैंडविथ कनेक्टिविटी दे सकते हैं.