टीएमसी विधायक की हत्या में बीजेपी नेता मुकुल रॉय के खिलाफ एफआईआर

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सत्यजीत बिश्वास हत्याकांड में बीजेपी नेता मुकुल रॉय केखिलाफ एफआईआर
File picture Satyajit Biswas

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित कृष्णागंज से तृणमूल कांग्रेस के विधायक सत्यजीत बिश्वास शनिवार शाम एक सरस्वती पूजा समारोह में गए थे, जहां अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोलियों से भून डाला। उन्हें तुरंत ही नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बिश्वास की हत्या के मामले में बीजेपी नेता मुकुल रॉय सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि एफआईआर में दर्ज चार आरोपियों में से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है। बता दे कि अभी हत्या की वजह स्पष्ट भी नहीं हो पाई और टीएमसी की तरफ से बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाए जाने लगें।

तृणमूल कांग्रेस के विधायक सत्यजीत बिस्वास की हत्या के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीति गरमा गई है। बिश्वास शनिवार शाम एक सरस्वती पूजा समारोह में गए थे, जहां अज्ञात हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़ कई गोलियां चलाईं। इस समारोह में टीएमसी की नदिया यूनिट के अध्यक्ष गौरीशंकर दत्ता और राज्य की मंत्री रत्ना घोष भी मौजूद थी। हालांकि खुशकिश्मती से वे दोनों गोलीबारी से कुछ ही मिनट पहले समारोह स्थल से जा चुके थे। राज्य के जेल मंत्री उज्जवल बिस्वास ने टीएमसी विधायक की हत्या के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जिम्मेदार ठहराया है।

नादिया की कृष्णागंज से विधायक सत्यजीत बिस्वास प्रभावशाली मटुआ समुदाय से ताल्लुक रखते थे। मटुआ समुदाय 1950 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आए थे। राज्य में इस समुदाय की आबादी लगभग 30 लाख है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना की 5 लोकसभा सीटों पर समुदाय का खासा असर है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी इस समुदाय के लोगों को अपनी तरफ खींचना चाहती है। पीएम मोदी हाल ही में 24 परगना के ठाकुरनगर में मटुआ समुदाय के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। लिहाजा राजनीतिक हिंसा का आरोप झेल रही राज्य में सत्ताधारी टीएमसी ने कहा है कि यह हत्या बीजेपी द्वारा प्रायोजित है।