राफेल विवाद पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और दसॉल्ट ने दी सफाई

0
119
राफेल विवाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और दसॉल्ट ने दी सफाई
File Picture

राफेल सौदे को लेकर भारत में गरमाई सियासत के बीच दसॉ एविएशन कंपनी के सीईओ के हालिया बयान के बाद एक नया मोड़ आ गया है. सीईओ एरिक ट्रेपियर ने कहा कि कंपनी 100 भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि अनिल अंबानी की कंपनी के राफेल में केवल 10 फीसदी ऑफसेट निवेश हैं. फ्रांस की वेबसाइट मीडियापार्ट ने यह स्टेटमेंट छापा है. वेबसाइट पर दसॉ मैनजेमेंट और इसके कर्मियों के प्रतिनिधियों के बीच के हुई एक मीटिंग के नोट्स का हवाला दिया गया है. आपको बता दे कि राफेल सौदे को लेकर भारत में गरमाई सियासत के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण फ़्रांस में हैं, जहां वह आज रफ़ाल बनानेवाली कंपनी दसॉ की फ़ैक्टरी जाएंगी. कल राहुल गांधी ने इस दौरे पर भी सवाल उठाए थे.

दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीधे पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए उन्हें भ्रष्ट बताया है. इस बीच राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट ने सफाई दी है. दसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैफियर ने बताया कि किस तरह नियमों का पालन करके ही अनिंल अंबानी की कंपनी के साथ करार किया गया. दसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैफियर ने साफ किया कि अंग्रेजी के ‘OFFSET’ शब्द को फ्रेंच में ‘COMPENSATION’ कहा जाता है. रिलायंस से समझौता भारत के कानून के तहत ही हुआ और पूरी तरह दसॉल्ट का फैसला था. कानून के तहत ही दसॉल्ट ने रिलायंस के साथ नागपुर में प्लांट बनाने का फैसला किया. वहीं, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार को जरा भी एहसास नहीं था कि दसॉल्ट एविएशन अनिल अंबानी की रिलांयस से करार करने वाली है.

दसॉ एविएशन कंपनी के सीईओ ट्रेपियर ने साफ कहा है कि रिलायंस के साथ दसॉ एविएशन का संयुक्त उपक्रम राफेल लड़ाकू विमान करार के तहत करीब 10% ऑफसेट निवेश का प्रतिनिधित्व करता है. ट्रेपियर ने कहा, ‘हम करीब 100 भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं जिनमें करीब 30 ऐसी हैं जिनके साथ हमने पहले ही साझेदारी की पुष्टि कर दी है.’ आपको यद् दिला दे कि मीडिया में आई कई खबरों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मेदी ने दसॉ को मजबूर किया था कि वह रिलायंस को अपने साझेदार के तौर पर चुने जबकि रिलायंस के पास उड्डयन क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीधे पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए उन्हें भ्रष्ट और चोर बताया है. राफेल सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई जारी है.