दलित संगठनों द्वारा किए गए राष्ट्रव्यापी बंद में दिखा दलितों का अमानवीय चेहरा

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दलित संगठनों के बंद में दिखा दलितों का अमानवीय चेहरा
दलित संगठनों के बंद में दिखा दलितों का अमानवीय चेहरा

दलित संगठनों के बंद में दिखा दलितों का अमानवीय चेहरा. अनुसूचित जाति एवं जनजाति एक्ट(एससी/एसटी एक्ट) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में कल दलित संगठनों के भारत बंद में मानवता और और कानून दोनों की धज्जिया उड़ाई गयी. दलितों को संतुस्ट करने के लिए सरकार सोमवार को ही पुनर्विचार याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. लेकिन दलितों के लिए इतना काफी ना था, उन्होंने अपना भरपूर शक्ति प्रदर्शन किया और दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान सोमवार को जब जमकर तांडव मचाया. प्रदर्शनों के दौरान 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमे सात मौत सिर्फ मध्य प्रदेश में हुई है.




कई राज्यों में बंद के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन का आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा. मानवता तब शर्मशार हो गयी जब बिहार के हाजीपुर में बंद के दौरान एक बच्‍चे ने दम तोड़ दिया. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए हिंसक प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत हो गई साथ ही राज्य के अलग अलग हिस्से में हुए हिंसक प्रदर्शन में करीब 40 पुलिसकर्मियों समेत 75 लोग जख्मी हो गए. राजस्थान में भी प्रदर्शन के हिंसक होने के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गयी साथ ही 9 पुलिसकर्मियों सहित 26 अन्य जख्मी हो गए.




दलितों के आतंक के आगे सरकार झुकती नज़र आयी. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शांति की अपील की है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी बयान जारी करते हुए कहा “केंद्र सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम पर उच्चतम न्यायालय के फैसले में कोई पक्षकार नहीं है और सरकार ने इस मामले पर एक समग्र पुनर्विचार याचिका भी दायर की है.” कानून मंत्री और गृह मंत्री के बयान के बाद भी दलित संगठनों ने कोई समझदारी नहीं दिखाई और उतर गए सड़क पर शक्तिप्रदर्शन करने जिसका नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ा.




दलित आंदोलन पर सबसे गन्दी राजनीति कांग्रेस की तरफ से देखने को मिली. आग में घी डालने का काम करते हुए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने ट्वीट कर लिखा “दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना RSS/BJP के DNA में है। जो इस सोच को चुनौती देता है उसे वे हिंसा से दबाते हैं, हजारों दलित भाई-बहन आज सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा की माँग कर रहे हैं, हम उनको सलाम करते हैं.” राहुल गाँधी के मुताबिक आम जनजीवन को तहस नहस करने वाले को वह सलाम करते है.



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