बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध के परिवार से मिले सीएम योगी, 80 लाख से ज्यादा की मदद

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बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध के परिवार से मिले सीएम योगी

बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के शक में हिंसा भड़क उठी थी. इस हिंसा में एक इंस्पेक्टर और एक नौजवान सुमित चौधरी की मौत हो गई थी. मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवार ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस दौरान परिवार से सुबोध की पत्नी रजनी सिंह के साथ उनके बेटे व परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे. वहीं प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह के साथ प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग भी पहुंचे हैं. मुलाकात के बाद इंस्पेक्टर के बेटे ने बताया, ‘मुख्यमंत्री जी ने आश्वासन दिया है कि उन्हें सही न्याय मिलेगा. दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. उन्होंने कहा कि वह हमारे परिवार के साथ हैं.’

यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि परिवार को 50 लाख की मदद दी जाएगी. जिसमे पत्नी को 40 लाख रुपये और माता-पिता को 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके अलावा एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी पेंशन और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी ऐलान किया गया है. वहीं प्रभारी मंत्री अतुल गर्ग ने कहा कि इंस्पेक्टर सुबोध के बच्चों का एजुकेशन लोन सरकार चुकाएगी. दोनों बच्चों की कोचिंग में पुलिस विभाग की तरफ से मदद. बकाया 30 लाख के होम लोन को चुकाएगी योगी सरकार. इसके अलावा एटा में गांव की ओर जाने वाली जेठारी-कुरौली रोड का नाम बदलकर ‘श्री सुबोध सिंह शहीद मार्ग’ कर दिया गया है.

दरअसल सीएम ने सुरक्षा समीक्षा बैठक में इंस्पेक्टर की हत्या पर एक भी शब्द नहीं बोला था और उनका पूरा फोकस गोकशी पर था. इसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी. जिसके बाद सीएम योगी ने उनके परिवार से मुलाकात की. इंस्पेक्टर के परिवार ने आरोप लगाया था कि जो भी उनकी हत्या में शामिल था, उनके प्रति प्रशासन का नरम रुख है. सुबोध की मौत के बाद उनकी बहन ने आरोप लगाया था कि चूंकि दादरी के अखलाक मामले की जांच सुबोध कर रहे थे, लिहाजा उनकी साजिशन हत्या हुई है. सुबोध कुमार की बहन ने अपने भाई के नाम पर शहीद स्मारक बनाए जाने की भी मांग की है.

गौरतलब है कि अभी तक इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार और 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है. वहीं, घटना का मुख्य आरोपी बताया जा रहा योगेश राज अब भी फरार है. योगेश ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर सफाई जारी की. वीडियो में योगेश ने कहा है, “स्याना में हुई घटना में पुलिस उसे अपराधी बताने में तुली हुई है. जबकि वहां दो घटनाएं हुई थीं. पहली घटना स्याना के नजदीक एक गांव महाव में गोकशी को लेकर हुई थी, जिसकी सूचना पर मैं अपने साथियों के साथ पहुंचा था, प्रशासनिक लोग भी वहां पहुंचे थे. मामले को शांत करने के बाद हम सभी लोग स्याना थाने में अपना मुकदमा लिखवाने आ गए थे.”

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के डीएम और एसपी को गोकशी रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं. साथ ही अगर किसी जिले में गोकशी की घटना पाई गई तो उसके लिए सीधे-सीधे जिले के एसपी और डीएम जिम्मेदार ठहराया जाएगा. इस बात की जानकारी मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश के सभी डीएम और एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी है, मुख्यमंत्री ने गोकशी पर अपना सख्त रुख मंगलवार रात की हुई मीटिंग में रखा था और हाई लेवल मीटिंग में उच्चाधिकारियों को गोकशी रोकने के साथ ही जिले के अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए थे.