सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भाजपा की सबरीमला बचाओ यात्रा

0
43
सुप्रीम कोर्ट फैसले के खिलाफ भाजपा की सबरीमला बचाओ यात्रा
File Picture

केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्रवर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन का विरोध करते हुए हजारों बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को यहां केरल राज्य सचिवालय की ओर मार्च किया. एक अन्य घटनाक्रम में त्राणवकोर देवास्वोम बोर्ड ने तांत्री (प्रमुख पुरोहित) परिवार, पंडलाम राजपरिवार और अयप्पा सेवा संघम समेत विभिन्न पक्षों की कल यहां बैठक बुलायी है. 17 नवंबर से शुरू हो रहे तीन महीने के मंडलम मकरविलक्कू तीर्थाटन सीजन की तैयारी के लिए बुलायी गयी इस बैठक में शीर्ष अदालत के हाल के फैसले पर भी चर्चा होने की संभावना है.

सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू कराने के माकपा नीत एलडीएफ सरकार के ‘जल्दीबाजी में उठाए गए कदम’ के खिलाफ भाजपा नीत राजग पांच दिन की यात्रा का आयोजन करेगी. भाजपा के राज्य अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लई ने आरोप लगाया कि एलडीएफ सरकार भगवान अयप्पा के भक्तों के आंदोलन को ‘परास्त’ करने के लिए हिंदुओं को विभाजित करने की कोशिश कर रही है. पिल्लई ने बताया कि ‘सबरीमला बचाओ यात्रा’ पंडालम से 10 अक्टूबर को शुरू होगी और 15 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम में उसका समापन होगा. पंडालम में भगवान अयप्पा का प्रासाद है.

आपको बता दे कि मंदिर बुधवार को मासिक पारंपरिक अनुष्ठान के लिए खुलेगा. महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगवान अयप्पा का मंत्रोच्चार करते हुए राज्य सचिवालय की ओर मार्च किया. उनके हाथों में भगवान अयप्पा की माला वाली तस्वीरें थीं. पार्टी की कोर समिति की बैठक के बाद भाजपा राज्य प्रमुख ने कहा, ‘सरकार हिन्दू आस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं को दबा कर उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने का प्रयास कर रही है.’ उन्होंने कहा कि राजग की ‘सबरीमला बचाओ यात्रा’ गांधी के सिद्धांतों पर आधारित एक आंदोलन होगी.