29 पार्टियों से गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरेगी बीजेपी

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29 पार्टियों से गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरेगी बीजेपी
File picture

आगामी लोकसभा चुनाव को भारतीय जनता पार्टी ‘मोदी वर्सेज ऑल’ मुकाबले के तौर पर प्रचारित कर रही है. लेकिन बीजेपी की अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर नजर डालें तो पता चलता है कि बीजेपी आगामी चुनाव 29 पार्टियों के गठबंधन के साथ लड़ने जा रही है. यह इशारा करता है कि मजबूत नेतृत्व होने के बावजूद बीजेपी को क्षेत्रीय दलों की कितनी जरूरत है. पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव 16 दलों के गठबंधन के साथ लड़ा था, जबकि अन्य छोटे दल चुनाव के बाद एनडीए का हिस्सा बने थे. लोक सभा चुनाव देश के 29 राज्यों में अलग-अलग भी लड़ा जाता है. जिसमें मतदाताओं की प्राथमिकता और क्षेत्रीय दलों का प्रभाव खासा महत्व रखता है.

दरअसल जहां एक तरफ बीजेपी 2019 के महासमर को ‘मोदी वर्सेज ऑल’ के तौर पर प्रचारित कर रही है, तो वहीं पार्टी नेतृत्व इस शोर में खामोशी से महत्वपूर्ण राज्यों में गठबंधन बनाने में कामयाब होता नजर आ रहा है. जानकारों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में एक दूसरे के धुर विरोधी सपा-बसपा के गठबंधन से बीजेपी को मुश्किल आ सकती है. लिहाजा उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अपने गठबंधन के घटक दलों को खोने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी. राज्य में बीजेपी के साथ गठबंधन में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की अपना दल के साथ ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी शामिल है.

भारतीय जनता पार्टी जहां देश स्तर पर चुनाव को मोदी वर्सेज ऑल बनाना चाहती है. तो वहीं राज्यों के समीकरण के हिसाब मजबूत गठबंधन के पक्ष में भी है. चुनाव विश्लेषकों की मानें तो इसके पीछे की वजह है कि पिछले चुनावों में क्षेत्रीय दलों के वोट प्रतिशत में कोई कमी नहीं आई है. जबकि यदि राष्ट्रीय दल छोटे दलों से गठबंधन में चुनाव लड़ते हैं तो उनके जीत का स्ट्राइक रेट बढ़ जाता है. आपको बता दे कि अकेले तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में एनडीए के कुनबे में 6 दल शामिल हैं. हाल ही में बीजेपी में यूपीए के मुकाबले राज्य में गठबंधन बनाया है, जिसमें एआईएडीएमके, पीएमके, डीएमडीके, एन आर कांग्रेस, पुथिया तमलगम, और पुथिया नीधि काच्छी शामिल हैं.