बिहार: सीतामढ़ी में भीड़ ने की युवक की पीट-पीटकर हत्या, 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज

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बिहार: सीतामढ़ी में भीड़ ने की युवक की पीट-पीटकर हत्या

देश में भीड़ की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही. भीड़ की हिंसा के ज्यादातर घटनाये बिहार से आ रही है. ताजा मामला बिहार के सीतामढ़ी से सामने आया है. सीतामढ़ी के रीगा थाना के रमनगरा इलाके में भीड़ की हिंसा की वजह से एक युवक की मौत हो गई है. पिकअप वैन के चालक से लूट की अफवाह के बाद गांव वालों ने एक युवक को लाठी डंडों से इतना मारा कि वो बेहद गंभीर रूप से जख्मी हो गया. रूपेश नाम के इस जख्मी युवक की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने एक नामजद और डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. सीतामढ़ी में भीड़ की हिंसा का शिकार हुए युवक के मामले में पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बड़ा हमला बोला है.

तेजस्वी यादव ने बिहार की नीतीश सर्कार पर जोरदार हमला करते हुए ट्वीट किया, ”नीतीश जी, बिहार में कल मॉब लिंचिंग की दो घटनाएँ और हुई है. सीतामढ़ी में एक युवक की भीड़ ने सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी. जमुई में भी भीड़ ने एक को पीटा. केंद्र की मॉब लिंचिग समर्थक सरकार ने बिहार में ऐसी घटनाओं को प्रायोजित करने पर आपको ईनाम देने का वादा किया है क्या?” आपको बता दे कि आठ सिंतबर को रोहतास में बच्चों के झगड़े में एक महिला की जान ले ली गई. सात सितंबर को बेगूसराय में भीड़ ने अपहरण के शक में तीन युवकों को पीट पीटकर मार डाला. 20 अगस्त को आरा में भीड़ एक महिला की जान की दुश्मन बन गई और उसे निर्वस्त्र करके सरेबाजार घुमाया गया.

भीड़ की हिंसा को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई को कुछ दिशा निर्देश जारी किए थे. उस दिशा निर्देश के बावजूद देश में भीड़ की हिंसा नहीं रूक रही थी. परसों ही सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर राज्यों को एक हफ्ते के अंदर दिशा निर्देश लागू करने का आदेश दिया है. लेकिन इसके बावजूद नातो स्थितिया बदलने का नाम ले रही है और नाही राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर चिंतित दिख रही है. सुप्रीम कोर्ट बार बार केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसी वारदातों पर कड़े कदम उठाने के लिए चेता रहा है लेकिन सरकारे ऐसा कर पाने में नाकाम दिख रही है, जिसकी वजह से लोकतंत्र पर भीड़तंत्र बार बार भरी पड़ता दिख रहा है.