कॉन्स्टेबल ने ममता की ऐसी मिसाल पेश की कि मुख्‍यमंत्री ने भी की सराहना

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बेंगलुरु में महिला कांस्टेबल ने लावारिस बच्‍चे को ब्रेस्टफीड कराया
बेंगलुरु में महिला कांस्टेबल ने लावारिस बच्‍चे को ब्रेस्टफीड कराया

बेंगलुरु की एक महिला कॉन्स्टेबल इन् दिनों चर्चा का विषय बानी हुई है, जिसका कारण उनकी मातृत्व भावना है. बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी पुलिस स्टेशन में पिछले 5 साल से कॉन्स्टेबल 32 साल की अर्चना ने भूख से बिलख रहे लावारिस बच्‍चे को ब्रेस्टफीड कराया. कॉन्स्टेबल अर्चना के मातृत्व से भरे इस कदम के बाद से उनकी चौतरफा तारीफ हो रही है. हालांकि अर्चना इसे सिर्फ बच्चे की भूख को मिटाने का एक स्वाभाविक तरीका भर मानती हैं. सोशल मीडिया पर अधिकतर लोग अर्चना की ममता की मिसाल दे रहे हैं और दूसरे पुलिसवालों को भी महिला कॉन्स्टेबल की उदारता से सीखने की सलाह दे रहे हैं.

मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी ने कॉन्स्‍टेबल अर्चना की सराहना है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यह अर्चना का सराहनीय कदम है. इसके अलावा कुमारस्‍वामी ने मिलने की इच्छा भी जाहिर की है. यही नहीं, बच्चे का नाम भी कुमारस्‍वामी रखा गया है. दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंस्ट्रक्शन साइट पर कोई नवजात बच्‍चे को छोड़ गया था. स्‍थानीय लोगों ने लावारिस पड़े बच्‍चे को देखने के बाद पुलिस को सूचित किया. खबर मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची तो बच्‍चे की हालत काफी बुरी थी. वे उसे पास के अस्‍पताल में ले गए. इलाज के बाद बच्‍चे को थाने ले आए, जहां अर्चना ने उसे ले लिया और फीडिंग कराई.

मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक पूरे मामले पर कॉन्स्‍टेबल अर्चना ने कहा ‘मुझे लगता है कि बच्चे को शांत कराने का सिर्फ यही एक तरीका था. उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि बच्चा कुछ मिनट पहले ही पैदा हुआ था. जब मैंने देखा तो बच्चा रो रहा था और एक मां होने के नाते, मुझे लगा कि वह भूखा है. मैंने उसे गोद में ले लिया और ब्रेस्ट फीड कराया. इसके बाद बच्चे ने रोना बंद कर दिया.’ अर्चना के पति भी उनके इस कदम से बेहद खुश हैं. अर्चना खुद भी 5 माह के बच्चे की मां हैं और उन्होंने कहा ‘जब मैं बच्चे को फीडिंग करा रही थी तब ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरा बेटा अ‍शत है.