भारत की ओर से ऑस्कर नॉमिनेशन के लिए असम की फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’

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भारत से ऑस्कर नॉमिनेशन के लिए असम फिल्म 'विलेज रॉकस्टार्स'

असम की फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ को भारत की ओर से ऑस्कर में भेजने का फैसला लिया गया है. फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने आज ऐलान किया गया है कि ऑस्कर में ये फिल्म बेस्ट फॉरेन फिल्म की कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी. राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजी गयी असम की फिल्म ऑस्कर नॉमिनेशन के लिए ‘पद्मावत’, ‘राजी’, ‘पिहू’, ‘कड़वी हवा’ और ‘न्यूड’ जैसी फिल्मों को पछाड़कर इस रेस में बाजी मार ली है. स फिल्म के लिए भनिता दास को बेस्ट चाइल्ड एक्टर का अवॉर्ड मिल चुका है. फिल्म के लिए मल्लिका दास ने बेस्ट लोकेशन साउंड रिकॉर्डिस्ट का पुरस्कार जीत चुके हैं.

फिल्म विलेज रॉकस्टार्स फिल्म की डायरेक्टर रीमा दास हैं. इस फिल्म के लिए भनिता दास को बेस्ट चाइल्ड एक्टर का अवॉर्ड मिल चुका है. फिल्म के लिए मल्लिका दास ने बेस्ट लोकेशन साउंड रिकॉर्डिस्ट का पुरस्कार जीत चुके हैं. जूरी के सदस्य और जानेमाने फिल्मकार अनंत महादेवन ने कहा कि जूरी को लगता है कि उन्होंने इस बार ‘विलेज रॉकस्टार्स’ के रूप में एक सही और बेहतरीन फिल्म का चयन ऑस्कर के लिए किया है. अनंत ने कहा कि सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि पूरी जूरी को लगता है कि ‘विलेज रॉकस्टार’ में ऑस्कर जीतने की तमाम संभावनाएं मौजूद हैं.

आपको बता दे कि किसी भी भारतीय फिल्म ने अब तक ऑस्कर पुरस्कार नहीं जीता है. भारत की ओर से भेजी जाने वाली फिल्मों से अब तक महज तीन फिल्में ही ऑस्कर अवॉर्ड के अंतिम पांच में अपनी जगह बना पाई हैं. मेहबूब खान द्वारा निर्देशित ‘मदर इंडिया’ (1957), मीरा नायर द्वारा बनायी गयी ‘सलाम बॉम्बे’ (1989) और आशुतोष गोवारिकर की ‘लगान’ (2001) ऐसी तीन फिल्में थीं जो फॉरेन लैंग्वेज कैटगरी में ऑस्कर एंट्री के लिए दुनियाभर से आनेवाली फिल्मों के बीच अंतिम पांच फिल्मों की सूची में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो पाई थीं. पिछले साल अमित मासुरकर निर्देशित और राजकुमार राव की फिल्म ‘न्यूटन’ ऑस्कर के लिये भेजी गई थी.