निश्वित रूप से संविधान और लोकतंत्र खतरे में है : पूर्व कैबिनेट मंत्री अरुण शौरी

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निश्वित रूप से संविधान और लोकतंत्र खतरे में है :शौरी
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पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी तथा बीजेपी के बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ’ विषय एक परिचर्चा के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने सत्ता का केन्द्रीकरण से लेकर सीबीआई के दुरूपयोग तक कई गंभीर मुद्दे उठाये. यशवंत सिन्हा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में सत्ता का केन्द्रीकरण हो रहा और कहा कि एनडीए सरकार में निर्णय ‘‘अकेले ही लिये जा रहे हैं.’’ उन्होंने राजनाथ सिंह का नाम लिये बिना दावा किया कि गृह मंत्री को जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन से हटने के भाजपा के निर्णय के बारे में जानकारी भी नहीं थी. उन्होंने कहा कि इसी तरह से वित्त मंत्री को जानकारी नहीं थी कि नोटबंदी की घोषणा होने जा रही है.

यशवंत सिन्हा ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बोले ‘‘35 हजार करोड़ रूपये का घोटाला बताया जो कि 64 करोड़ रूपये के बोफोर्स घोटाले से कहीं बड़ा है.’’ बीजेपी के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी छोड़ने को लेकर कहा कि वह अपने से भाजपा नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि यदि वे मुझे बाहर करना चाहें तो मैं उनके विवेक पर सवाल नहीं उठाऊंगा.’’ शौरी ने भी केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘निश्वित रूप से संविधान और लोकतंत्र खतरे में है. अभी तक पीट पीटकर मार डालने की 72 घटनाएं हुई हैं, सोहराबुद्दीन (फर्जी मुठभेड़) मामले में 54 गवाह पलट चुके हैं. सीबीआई का दुरूपयोग किया जा रहा है. मीडिया भयभीत है क्योंकि उसका विज्ञापन बंद हो सकता है. ऐसी उम्मीद नहीं लगती कि चीजें बदलेंगी.’’